1 दिसंबर 2023 विज्ञान समाचार

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 1 दिसंबर 2023 को अपने PSLV-C54 रॉकेट के माध्यम से 104 उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। यह ISRO का अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह प्रक्षेपण था।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (NASA) ने 10 दिसंबर 2023 को घोषणा की कि उसने एक नए ग्रह की खोज की है जो हमारे सौरमंडल के बाहर स्थित है। यह ग्रह पृथ्वी के आकार का है और इसका नाम "केप्लर-186f" रखा गया है।

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है जो यह बताती है कि ब्रह्मांड की शुरुआत से ही डार्क मैटर मौजूद था। इस खोज से ब्रह्मांड के निर्माण और विकास को समझने में मदद मिलेगी।

चीनी कंपनी हुआवेई ने 1 दिसंबर 2023 को अपना नया स्मार्टफोन "P50 Pocket" लॉन्च किया। यह फोन एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जिसमें एक इन-डिस्प्ले कैमरा है।

अमेरिकी कंपनी एप्पल ने 6 दिसंबर 2023 को अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम "iOS 16" जारी किया। यह सिस्टम नए फीचर्स और सुधारों के साथ आता है।

भारतीय कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 15 दिसंबर 2023 को अपना नया 5G स्मार्टफोन "JioPhone Next" लॉन्च किया। यह फोन 4,499 रुपये में उपलब्ध है।

नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने 11 दिसंबर 2023 को अपनी पहली तस्वीरें जारी कीं। इन तस्वीरों में ब्रह्मांड के सबसे दूरस्थ और पुराने खगोलीय पिंडों को देखा जा सकता है।

चीन ने 20 दिसंबर 2023 को अपना पहला अंतरिक्ष यान "शेनझोउ-18" चंद्रमा पर भेजा। यह यान चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 25 दिसंबर 2023 को अपने "आर्यभट्ट-3" उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। यह उपग्रह भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इन समाचारों के अलावा, दिसंबर 2023 में विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। इनमें से कुछ घटनाएं इस प्रकार हैं:

अमेरिकी कंपनी गूगल ने अपने नए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रोसेसर "TPUv5" का अनावरण किया। यह प्रोसेसर TPUv4 की तुलना में 3.5 गुना तेज है।

भारतीय कंपनी टाटा स्टील ने दुनिया का सबसे ऊंचा इस्पात संयंत्र "टाटा स्टील जमशेदपुर" का उद्घाटन किया। यह संयंत्र 2.3 मिलियन टन प्रति वर्ष इस्पात का उत्पादन करेगा।

ब्रिटिश कंपनी "यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA)" ने अपने नए अंतरिक्ष यान "Ariane 6" का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह यान 2024 में पहली बार अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।