भारतीय वैज्ञानिकों की नई सौर सेल
भारतीय वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार की सौर सेल विकसित की है जो पारंपरिक सौर सेलों की तुलना में 20% अधिक कुशल है। यह नई सेल कार्बन नैनोट्यूब से बनी है और यह सूर्य के प्रकाश के दृश्यमान और अवरक्त दोनों हिस्सों को अवशोषित कर सकती है। यह सामग्री पारंपरिक सौर सेलों में उपयोग की जाने वाली सामग्री की तुलना में अधिक कुशल है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि नई सौर सेल का उपयोग घरों, व्यवसायों और बिजली ग्रिडों को बिजली देने के लिए किया जा सकता है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार करने में भी मदद कर सकता है।
चीन का पहला अंतरिक्ष स्टेशन
चीन ने दुनिया का पहला अंतरिक्ष स्टेशन, तियानगॉन-1 को छोड़ दिया है। यह स्टेशन चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह भविष्य में चीनी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने की अनुमति देगा।
तियानगॉन-1 एक उपग्रह के आकार का स्टेशन है जो पृथ्वी की कक्षा में 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। यह स्टेशन तीन भागों से बना है: एक मुख्य भाग, एक प्रयोगशाला और एक क्यूपू। मुख्य भाग में रहने और काम करने की जगह है, प्रयोगशाला में वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए उपकरण हैं, और क्यूपू में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए रहने की जगह है।
चीन का इरादा है कि तियानगॉन-1 को एक बड़े अंतरिक्ष स्टेशन में विकसित किया जाए जो अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक लंबे समय तक रहने की जगह प्रदान करे।
अमेरिकी वैज्ञानिकों का नया एआई
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकसित किया है जो मानव जैसा लिख सकता है। यह एआई कविता, उपन्यास, और यहां तक कि कोड भी लिख सकता है।
नए एआई को Google AI के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। उन्होंने एक नई तकनीक का उपयोग किया है जो एआई को मानव भाषा को समझने और बनाने की अनुमति देती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि नए एआई का उपयोग शिक्षा, मनोरंजन और यहां तक कि व्यवसाय में किया जा सकता है। यह लोगों को नए तरीके से सीखने और रचनात्मक होने में मदद कर सकता है।