जगदीप धनखड़

भारत के उपराष्ट्रपति निर्वाचित 

पद बहाल - 11 अगस्त 2022 

राष्ट्रपति - द्रौपदी मुर्मू 

प्रधानमंत्री - नरेन्द्र मोदी 

उत्तरवर्ती - वेंकैया नायडू 

21वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल 

पद बहाल - 30 जुलाई 2019 – 18 जुलाई 2022 

मुख्यमंत्री - ममता बनर्जी 

पूर्वा धिकारी - केसरी नाथ त्रिपाठी 

उत्तरा धिकारी - ल गणेशन (अतिरिक्त प्रभार) 

राज्य मंत्री, भारत सरकार 

पद बहाल - 21 नवंबर 1990 – 21 जून 1991 

प्रधानमंत्री - चन्द्रशेखर 

मंत्रालय  संसदीय मामलों का मंत्रालय 

राजस्थान विधान सभा के सदस्य 

पद बहाल - 4 दिसंबर 1993 – 29 नवंबर 1998 

पूर्वा धिकारी - जगजीत सिंह 

उत्तरा धिकारी - नाथू राम 

चुनाव-क्षेत्र  किशनगढ़, राजस्थान 

सांसद, लोक सभा 

पद बहाल - 2 दिसंबर 1989 – 21 जून 1991 

पूर्वा धिकारी - मो. अयूब खान 

उत्तरा धिकारी - मो. अयूब खान 

चुनाव-क्षेत्र  झुंझुनू 

जन्म - 18 मई 1951 (आयु 71) 

किठाना, झुंझुनू जिला, राजस्थान, भारत 

राजनीतिक दल  भारतीय जनता पार्टी 

अन्य राजनीतिक 

संबद्धताऐं  जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 

जीवन संगी - सुदेश धनखड़ (वि॰ 1979) 

शैक्षिक सम्बद्धता - राजस्थान विश्वविद्यालय 

व्यवसाय - राजनीतिज्ञ 

पेशा - एडवोकेट 

जगदीप धनखड़ (जन्म 18 मई 1951) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो भारत के निर्वाचित 14वें उपराष्ट्रपति हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने चंद्रशेखर मंत्रालय में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2022 का चुनाव 74.37% वोटों के साथ जीता और 1992 के चुनाव के बाद से चुनाव-जीत का अंतर सबसे अधिक दर्ज किया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गाँव 'किठाना' में जाट के घर हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा किठाना गांव के स्कूल में हुई। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ से पूरी की और फिर राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। स्कूली शिक्षा के बाद जगदीप धनखड़ ने राजस्थान के महाराज कॉलेज जयपुर में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया। यहां से उन्होंने फिजिक्स में BSE की डिग्री ली। साल 1978 में उन्होंने जयपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी कोर्स में एडमिशन लिया। कानून की डिग्री लेने के लेने के बाद जगदीप धनखड़ ने वकालत शुरू कर दी और साल 1990 में उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट का ओहदा दिया गया। जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश के कई हाईकोर्टों में वकालत की प्रैक्टिस की। 

चुनावी राजनीति

वह 1989-91 के दौरान राजस्थान में झुंझुनू (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से 9वीं लोकसभा में जनता दल का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य थे। वह 1993-98 के दौरान 10वीं विधान सभा राजस्थान में किशनगढ़, राजस्थान से विधान सभा के पूर्व सदस्य और राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन जयपुर के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर करीब 30 सालों का है। वह चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। लोकसभा हो या विधानसभा वह जिस सदन के भी सदस्य रहे उसकी अहम समितियों में शामिल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में जाट बिरादरी को आरक्षण दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है। 20 जुलाई 2019 को उनको पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

30 जुलाई 2019 को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया। 16 जुलाई 2022 को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति के 2022 के चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया।

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