भारत

यशवंतराव चव्हाण

यशवन्तराव बलवन्तराव चव्हाण (12 मार्च 1913 - 25 नवम्बर 1984) मुम्बई राज्य के विभाजन के बाद महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री और भारत के पाँचवें उप-प्रधानमन्त्री थे। वे एक मजबूत कांग्रेस नेता, स्वतन्त्रता सेनानी, सहकारी नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक थे। उन्हें आम लोगों के नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने भाषणों और लेखों में दृढ़ता से समाजवादी लोकतन्त्र की वकालत की और महाराष्ट्र में किसानों की बेहतरी के लिए सहकारी समितियों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

गुलज़ारीलाल नन्दा

गुलजारीलाल नन्दा (4 जुलाई 1898 - 15 जनवरी 1998) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उनका जन्म सियालकोट, पंजाब, पाकिस्तान में हुआ था। वे 1964 में प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की मृत्युपश्चात् भारत के प्रधानमंत्री बने। कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित गुलज़ारी लाल नंदा प्रथम बार पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 1964 में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए गए। दूसरी बार लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में यह कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इनका कार्यकाल दोनों बार उसी समय तक सीमित रहा जब तक की कांग्रेस पार्टी ने अपने नए नेता का चयन नहीं कर लिया।

लालबहादुर शास्त्री

लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (वाराणसी) : मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द सोवियत संघ रूस, भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्हो

गोविन्द बल्लभ पन्त

पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त या जी॰बी॰ पन्त (जन्म 1 सितम्बर 1887 - 7 मार्च 1961) प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी और वरिष्ठ भारतीय राजनेता थे। वे उत्तर प्रदेश राज्य के प्रथम मुख्य मन्त्री और भारत के चौथे गृहमंत्री थे। सन 1957 में उन्हें भारतरत्न से सम्मानित किया गया। गृहमंत्री के रूप में उनका मुख्य योगदान भारत को भाषा के अनुसार राज्यों में विभक्त करना तथा हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करना था।

प्रारम्भिक जीवन

कैलाश नाथ काटजू

गृह मंत्री 

कार्यकाल

31 जनवरी 1957 - 11 मार्च 1962

पूर्ववर्ती भगवंतराव मंडलोई थे

संचालन भगवंतराव मंडलोई ने किया

चौथे रक्षा मंत्री

कार्यकाल

10 जनवरी 1955 - 30 जनवरी 1957

वल्लभ भाई पटेल

वल्लभभाई झावेरभाई पटेल (31 अक्टूबर 1874 – 15 दिसम्बर 1950०), जो सरदार पटेल के नाम से लोकप्रिय थे एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक भारतीय अधिवक्ता और राजनेता थे जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के संस्थापक पिता थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और एक एकीकृत स्वतंत्र राष्ट्र में अपने एकीकरण का मार्गदर्शन किया। भारत और अन्य जगहों पर उन्हें अक्सर हिंदी उर्दू और फ़ारसी में सरदार कहा जाता था जिसका अर्थ है "प्रमुख"। उन्होंने भारत के राजनीत

महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय

संग्राम सिंह II (24 मार्च 1690 - 11 जनवरी 1734) भारत के मेवाड़ के शासक थे । उन्होंने 1710 से 1734 तक शासन किया। उनका उत्तराधिकारी उनका पुत्र जगत सिंह द्वितीय था ।

महाराणा अमर सिंह द्वितीय

महाराणा अमर सिंह सिसोदिया द्वितीय मेवाड़, राजस्थान के शिशोदिया राजवंश के शासक थे।अमर सिंह अमर सिंह के नाम से भी जाना जाता है 1698 में और 1710 में उनकी मृत्यु के साथ उनका राज्य काल समाप्त हुआ। उन के शासनकाल में मुगल अपनी शक्तियों को खो दिया मुगलों ने और इसे उन्हें स्वतंत्र होने का एक मौका मिल गया परंतु औरंगजेब की मृत्यु के बाद उन्होंने बहादुर शाह प्रथम की बढ़ती शक्ति के कारण और उन्होंने खुद को शांति और मुगलों के अधीन ही रखा।उनका जन्म 1672 ईसवी में हुआ था और 38 वर्ष की अवस्था में उनका स्वर्गवास हो गया। 

महाराणा जय सिंह

जय सिंह (5 दिसंबर 1653 - 23 सितंबर 1698) मेवाड़ साम्राज्य के महाराणा थे जिन्होंने 1680 से 1698 तक शासन किया। वह महानारा राज सिंह प्रथम के पुत्र थे । जय सिंह ने मुगल बादशाह औरंगजेब के खिलाफ कई लड़ाईयां लड़ीं । 1680-81 में उसने अपने कुलीन दयालदास को मालवा भेजा। दयालदास ने धार और मांडू पर अधिकार कर लिया। उसने उन शहरों को लूटा और मुगल सेना के खिलाफ कई लड़ाइयाँ लड़ीं। उन्होंने आमेर की कछवा राजकुमारी दयावती बाई (1650-1683) से विवाह किया जिनकी प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई। उन्होंने 1685 में ढेबर झील का निर्माण किया जिसे जयसमंद के नाम से भी जाना जाता है।

महाराणा राज सिंह प्रथम

राज सिंह प्रथम (24 सितम्बर 1629 – 22 अक्टूबर 1680) मेवाड़ के शिशोदिया राजवंश के शासक (राज्यकाल 1652 – 1680) थे। वे जगत सिंह प्रथम के पुत्र थे। उन्होने औरंगजेब के अनेकों बार विरोध किया।

महाराणा जगत सिंह प्रथम

महाराणा जगतसिंह प्रथम कर्ण सिंह द्वितीय के बाद उसका पुत्र जगतसिंह-प्रथम महाराणा बना। महाराणा जगतसिंह का राज्याभिषेक 28 अप्रैल 1628 ई. को किया गया था

महाराणा करण सिंह द्वितीय

महाराणा करण सिंह द्वितीयमेवाड़ राजस्थान के शिशोदिया राजवंश के शासक थे उनके पिता राणा अमरसिंह थे। पहले मेवाड़ी राजकुमार जो मुगल दरबार मे गए तथा सर्वप्रथम मुगल दरबार मे मनसबदारी प्राप्त की। 

महाराणा अमर सिंह प्रथम

राणा अमर सिंह (1597 – 1620 ई० ) मेवाड़ के शिशोदिया राजवंश के शासक थे। वे महाराणा प्रताप के पुत्र तथा महाराणा उदयसिंह के पौत्र थे।

प्रारंभिक जीवन और राज्याभिषेक

महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया ( ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार विक्रम संवत 1597 तदनुसार 9 मई 1540 – 19 जनवरी 1597) उदयपुर मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ प्रण के लिये अमर है। उन्होंने मुगल बादशहा अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और कई सालों तक संघर्ष किया किंतु महाराणा प्रताप अकबर से हल्दीघाटी के युद्ध में हार गए थे ।

द्रौपदी मुर्मू

रौपदी मुर्मू (जन्म : 20 जून 1958) भारत की 15वीं और वर्तमान राष्ट्रपति के रूप में सेवारत एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्या थी। वह भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने वाली जनजातीय समुदाय से संबंधित पहली व्यक्ति हैं। मुर्मू, प्रतिभा पाटिल के बाद भारत की राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली दूसरी महिला हैं। प्रबुद्ध सोसाइटी द्रौपदी मुर्मू को प्रबुद्ध महिला सम्राट से अलंकृत किया है!

जगदीप धनखड़

जगदीप धनखड़ (जन्म 18 मई 1951) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो भारत के निर्वाचित 14वें उपराष्ट्रपति हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने चंद्रशेखर मंत्रालय में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2022 का चुनाव 74.37% वोटों के साथ जीता और 1992 के चुनाव के बाद से चुनाव-जीत का अंतर सबसे अधिक दर्ज किया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

वेंकैया नायडू

मुप्पवरपु वेंकय्य नायुडु  जन्म: 1 जुलाई 1949 भारत के भूतपूर्व उपराष्ट्रपति 14वें हैं। वे 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। केंद्र में विभिन्न विभागों के मंत्री पदों को भी सुशोभित कर चुके है। भारत के सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संघ (एनडीए) ने 17 जुलाई 2017 को उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया। 5 अगस्त 2017 को हुए चुनाव में गोपालकृष्ण गाँधी को पराजित करके वे भारत के  14वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और 11 अगस्त 2017 को उपराष्ट्रपति बने।

राम नाथ कोविन्द

रामनाथ कोविन्द (जन्म: 1 अक्टूबर 1945) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जिन्होंने भारत गणराज्य के 14वें राष्ट्रपति के रूप में सेवा दी। वे 25 जुलाई 2017 को 14वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए। 25 जुलाई 2017 को भारतीय उच्चतम न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर ने उन्हें भारत के राष्ट्रपति के पद की शपथ दिलायी। वे राज्यसभा सदस्य तथा बिहार राज्य के राज्यपाल रह चुके हैं। माननीय रामनाथ कोविंद प्रबुद्ध सोसाइटी के प्रेरणा श्रोत है तथा हमारे देश के प्रबुद्ध सम्राट है।

जीवन परिचय

महाराणा उदयसिंह द्वितीय

उदयसिंह द्वितीय (जन्म 04 अगस्त 1522 - 28 फरवरी 1572 ,चित्तौड़गढ़ दुर्ग, राजस्थान, भारत) मेवाड़ के एक महाराणा और उदयपुर शहर के संस्थापक थे। ये मेवाड़ साम्राज्य के 53वें शासक थे। उदयसिंह मेवाड़ के शासक राणा सांगा (संग्राम सिंह) के चौथे पुत्र थे जबकि बूंदी की रानी कर्णावती इनकी माँ थीं।

बनवीर सिंह

बनवीर (1540 में मृत्यु) जिसे बनबीर के नाम से भी जाना जाता है 1536 और 1540 के बीच मेवाड़ साम्राज्य के शासक थे। वह राणा सांगा के भतीजे थे जो उनके भाई पृथ्वीराज और उनकी पासवान से पुत्र थे। बनवीर राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के युग में मेवाड़ के सिंहासन को जीतने में सफल हुए जो 1528 में सांगा की मृत्यु के बाद शुरू हुआ। 1536 में मेवाड़ के प्रमुखों की सहायता से उन्होंने विक्रमादित्य की हत्या कर दी और राजवंश के अगले शासक बन गए। अपने प्रशासनिक सुधारों के बावजूद वह अपने अवैध जन्म के कारण मेवाड़ रईसों का समर्थन पाने में असफल रहा। वह 1540 में मरावली के युद्ध में उदयसिं

महाराणा विक्रमादित्य

विक्रमादित्य सिंह (1517 - 1536) मेवाड़ साम्राज्य के महाराणा थे वह एक सिसोदिया राजपूत और राणा सांगा के पुत्र और उदय सिंह द्वितीय के बड़े भाई थे। वह गुजरात सल्तनत से हार गया था और मेवाड़ के रईसों के साथ अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण अलोकप्रिय था। अपने शासनकाल के दौरान 1535 में गुजरात के बहादुर शाह ने चित्तौड़ को बर्खास्त कर दिया था।

महाराणा रतन सिंह द्वितीय

महाराणा रतन सिंह द्वितीय (Maharana Ratan Singh II), महाराणा सांगा (संग्राम सिंह) के पुत्र थे। महाराणा सांगा के 7 पुत्र थे जिनमें से तीन पुत्रों की मृत्यु महाराणा सांगा के जीवित रहते ही हो गई।

30 January 1528 ईस्वी को महाराणा सांगा के पुत्र महाराणा रतन सिंह द्वितीय  मेवाड़ के महाराणा बने क्योंकि जीवित बचे तीन भाइयों विक्रमादित्य, उदय सिंह और रतन सिंह में यह सबसे बड़े थे।

राणा सांगा

राणा सांगा (महाराणा संग्राम सिंह) (12 अप्रैल 1482 - 30 जनवरी 1528) (राज 1509-1528) उदयपुर में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे तथा राणा रायमल के सबसे छोटे पुत्र थे।

परिचय

राणा रायमल

राणा रायमल (1473 -1509) मेवाड के राजपूत राजा थे। वे राणा कुम्भा के पुत्र थे। उनके शासन के आरम्भिक दिनों में ही मालवा के शासक घियास शाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया किन्तु उसे सफलता नहीं मिली। इसके शीघ्र बाद घियास शाह के सेनापति जफर खान ने मेवाड़ पर आक्रमण किया किन्तु वह भी मण्डलगढ़ और खैराबाद में पराजित हुआ। रायमल ने राव जोधा की बेटी शृंगारदेवी से विवाह करके राठौरों से शत्रुता समाप्त कर दी। रायमल ने रायसिंह टोडाऔर अजमेर पर पुनः अधिकार कर लिया। उन्होने मेवाड़ को भी शक्तिशाली बनाया तथा चित्तौड़गढ़ चित्तौड़ के एकनाथ जी मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।रायमल के अंतिम

महाराणा उदयसिंह प्रथम

उदय सिंह ने 1468 में अपने पिता राणा कुंभा की हत्या कर दी और उसके बाद हत्यारा (हत्यारा) के रूप में जाना जाने लगा। 1473 में खुद उदय की मृत्यु हो गई, मृत्यु का कारण कभी-कभी बिजली गिरने के परिणामस्वरूप बताया गया था लेकिन उनके पिता राणा कुंभा की मृत्यु का बदला लेने के लिए उनके अपने भाई राणा रायमल द्वारा भी हत्या किए जाने की संभावना थी।

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